संदेश

आज ही क्यों नहीं ? Aaj hi kiu nhi aaj h to kiu h

चित्र
  आज ही क्यों नहीं ? एक बार की बात है कि एक शिष्य अपने गुरु का बहुत आदर-सम्मान किया करता था |गुरु भी अपने इस शिष्य से बहुत स्नेह करते थे लेकिन वह शिष्य अपने अध्ययन के प्रति आलसी और स्वभाव से दीर्घसूत्री था | सदा स्वाध्याय से दूर भागने की कोशिश करता तथा आज के काम को कल के लिए छोड़ दिया करता था | अब गुरूजी कुछ चिंतित रहने लगे कि कहीं उनका यह शिष्य जीवन-संग्राम में पराजित न हो जाये| आलस्य में व्यक्ति को अकर्मण्य बनाने की पूरी सामर्थ्य होती है | ऐसा व्यक्ति बिना परिश्रम के ही फलोपभोग की कामना करता है| वह शीघ्र निर्णय नहीं ले सकता और यदि ले भी लेता है, तो उसे कार्यान्वित नहीं कर पाता| यहाँ तक कि अपने पर्यावरण के प्रति भी सजग नहीं रहता है और न भाग्य द्वारा प्रदत्त सुअवसरों का लाभ उठाने की कला में ही प्रवीण हो पता है | उन्होंने मन ही मन अपने शिष्य के कल्याण के लिए एक योजना बना ली | एक दिन एक काले पत्थर का एक टुकड़ा उसके हाथ में देते हुए गुरु जी ने कहा –‘मैं तुम्हें यह जादुई पत्थर का टुकड़ा, दो दिन के लिए दे कर, कहीं दूसरे गाँव जा रहा हूँ| जिस भी लोहे की वस्तु को तुम इससे स्पर्श करोगे| वह ...

गुरु और शिष्य पर हिंदी कहानी

  गुरु और शिष्य पर हिंदी कहानी एक बार एक शिष्य ने विनम्रतापूर्वक अपने गुरु जी से पूछा- ‘गुरु जी,कुछ लोग कहते हैं कि जीवन एक संघर्ष है, कुछ अन्य कहते हैं कि जीवन एक खेल है और कुछ जीवन को एक उत्सव की संज्ञा देते हैं | इनमें कौन सही है?’ गुरु जी ने तत्काल बड़े ही धैर्यपूर्वक उत्तर दिया- पुत्र,जिन्हें गुरु नहीं मिला उनके लिए जीवन एक संघर्ष है; जिन्हें गुरु मिल गया उनका जीवन एक खेल है और जो लोग गुरु द्वारा बताये गए मार्ग पर चलने लगते हैं, मात्र वे ही जीवन को एक उत्सव का नाम देने का साहस जुटा पाते हैं| यह उत्तर सुनने के बाद भी शिष्य पूरी तरह से संतुष्ट न था| गुरु जी को इसका आभास हो गया |वे कहने लगे-‘लो, तुम्हें इसी सन्दर्भ में एक कहानी सुनाता हूँ|ध्यान से सुनोगे तो स्वयं ही अपने प्रश्न का उत्तर पा सकोगे |’ उन्होंने जो कहानी सुनाई,वह इस प्रकार थी- एक बार की बात है कि किसी गुरुकुल में तीन शिष्यों नें अपना अध्ययन सम्पूर्ण करने पर अपने गुरु जी से यह बताने के लिए विनती की कि उन्हें गुरुदाक्षिणा में, उनसे क्या चाहिए |गुरु जी पहले तो मंद-मंद मुस्कराये और फिर बड़े स्नेहपूर्वक कहने लगे-‘मुझे तुमस...

सफलता का रहस्य Secret of Success

  सफलता का रहस्य Secret of Success एक बार एक नौजवान लड़के ने सुकरात से पूछा कि सफलता का रहस्य क्या है? सुकरात ने उस लड़के से कहा कि तुम कल मुझे नदी के किनारे मिलो और वो मिले| फिर सुकरात ने नौजवान से उनके साथ नदी की तरफ बढ़ने को कहा| और जब आगे बढ़ते-बढ़ते पानी गले तक पहुँच गया, तभी अचानक सुकरात ने उस लड़के का सर पकड़ के पानी में डुबो दिया| लड़का बाहर निकलने के लिए संघर्ष करने लगा| लेकिन सुकरात ताकतवर था और उसे तब तक डुबोये रखे जब तक की वो नीला नहीं पड़ने लगा | फिर सुकरात ने उसका सर पानी से बाहर निकाल दिया और बाहर निकलते ही जो चीज उस लड़के ने सबसे पहले की, वो थी हाँफते-हाँफते तेजी से सांस लेना| सुकरात ने पूछा ,”जब तुम वहाँ थे तो तुम सबसे ज्यादा क्या चाहते थे?” लड़के ने उत्तर दिया, "सांस लेना|" सुकरात ने कहा, "यही सफलता का रहस्य है|  जब तुम सफलता को उतनी ही बुरी तरह से चाहोगे जितना की तुम सांस लेना चाहते थे, तो वो तुम्हे मिल जाएगी|  इसके आलावा और कोई रहस्य नहीं है| दोस्तों, जब आप सिर्फ और सिर्फ एक चीज चाहते हैं तो more often than not… वो चीज आपको मिल जाती है| जैसे छोटे बच्च...

ज़िन्दगी के पत्थर, कंकड़ और रेत

  ज़िन्दगी के पत्थर, कंकड़ और रेत Philosophy के एक Professor ने कुछ चीजों के साथ क्लास में प्रवेश किया| जब क्लास शुरू हुई तो उन्होंने एक बड़ा सा खाली शीशे का जार लिया और उसमे पत्थर के बड़े-बड़े टुकड़े भरने लगे| फिर उन्होंने छात्रों से पूछा कि क्या जार भर गया है ? और सभी ने कहा “हाँ”| तब प्रोफ़ेसर ने छोटे-छोटे कंकडों से भरा एक बॉक्स लिया और उन्हें जार में भरने लगे| जार को थोडा हिलाने पर ये कंकड़ पत्थरों के बीच Settle हो गए| एक बार फिर उन्होंने छात्रों से पूछा कि क्या जार भर गया है? और सभी ने हाँ में उत्तर दिया| तभी Professor ने एक sand box निकाला और उसमे भरी रेत को जार में डालने लगे| रेत ने बची-खुची जगह भी भर दी| और एक बार फिर उन्होंने पूछा कि क्या जार भर गया है? और सभी ने एक साथ उत्तर दिया , ” हाँ”| फिर professor ने समझाना शुरू किया, ” मैं चाहता हूँ कि आप इस बात को समझें कि ये जार आपकी life को represent करता है| बड़े-बड़े पत्थर आपके जीवन की ज़रूरी चीजें हैं| आपकी family,आपका partner,आपकी health, आपके बच्चे ऐसी चीजें हैं कि अगर आपकी बाकी सारी चीजें खो भी जाएँ और सिर्फ ये रहे तो भी ...

बोले हुए शब्द वापस नहीं आते प्रेरणादायक कहानियां

  बोले हुए शब्द वापस नहीं आते    प्रेरणादायक कहानियां हमारे दिन प्रतिदिन के जीवन में कई बार ऐसा होता है कि हम या तो बहुत गुस्से में झुंझलाकर या बस यूँ ही कुछ ऐसा कह जाते हैं जो हमें नहीं कहना चाहिए| आज मैं आपके साथ एक छोटी सी कहानी Share कर रहा हूँ जो मैंने You Can Win by Shiv Khera में पढ़ा था| इसे ध्यान से पढ़िए और इससे मिलने वाली सीख को गाँठ बाँध लीजिये| एक में उसे अपनी गलती का एहसास हुआ तो वह एक संत के पास गया| उसने संत से अपने शब्द वापस लेने का उपाय पूछा| संत ने किसान से कहा , ”तुम खूब सारे पंख इकठ्ठा कर लो और उन्हें शहर के बीचो-बीच जाकर रख दो |” किसान ने ऐसा ही किया और फिर संत के पास पहुंच गया| तब संत ने कहा , ”अब जाओ और उन पंखों को इकठ्ठा कर के वापस ले आओ|” किसान वापस गया पर तब तक सारे पंख हवा से इधर-उधर उड़ चुके थे, और किसान खाली हाथ संत के पास पहुंचा| तब संत ने उससे कहा कि ठीक ऐसा ही तुम्हारे द्वारा कहे गए शब्दों के साथ होता है| तुम आसानी से इन्हें अपने मुख से निकाल तो सकते हो पर चाह कर भी वापस नहीं ले सकते| इस कहानी से क्या सीख मिलती है :- कुछ कड़वा बोलने से पहले...

# Motivation

# Motivation  सफल लोग दूसरों से अलग नहीं होते बल्कि उनकी सोच दूसरों से अलग होती है ══━━━✥ ❉ ✥━━━══        🌺🌹 👇 JOIN 👇 🌹🌺 ➛ Motivation Channal dailymotivation ══━━━✥ ❉ ✥━━━══

# Motivation

# Motivation  असफलता ही आपको आपका हुनर ढूंढने में मदद करेगी  ══━━━✥ ❉ ✥━━━══         🌺🌹 👇 JOIN 👇 🌹🌺        ➛Motivation Channal        dailymotivation ══━━━✥ ❉ ✥━━━══